‘खुले आसमान में पंखों को फड़फड़ाने दो, हम नारियों को आजादी का जश्न मनाने दो’ : कृष्णा गौर
'सृष्टि पर अगर ईश्वर की सबसे सुंदर अनुपम और ताकतवर प्रति कोई है तो वह नारी है'

भोपालः पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गुरुवार को बरखेड़ी कला भदभदा रोड स्थित आर.डी. (रानी दुल्लैया) मेमोरियल ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट्स द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि, आज हम सब यहां अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में एकत्रित हुए हैं। मैं देख रही हूं कि बड़ी संख्या में छात्राएं बैठी हुई हैं, हमारी वह बेटियां जो कल आने वाले समय में हमारे परिवार, समाज और इस देश का भविष्य है। वह परिवार, समाज और देश की जिम्मेदारियां संभालने जा रही है, उनका मन आत्मविश्वास से भरा रहे, उनका मन अपनी क्षमताओं से भरा रहे।

” सृष्टि पर अगर ईश्वर की सबसे सुंदर अनुपम और ताकतवर प्रति कोई है तो वह नारी है”
इस दृष्टि से इस महिला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आप सबके समझ उपस्थित होने का अवसर मिला है। 8 मार्च पूरा विश्व अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाता है और इस दिवस को मनाने के पीछे आधी आबादी है, उनको अपने अधिकारों कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जाए या दूसरे शब्दों में हम यह कह सकते हैं कि एक प्रकार का संदेश है, इस पुरुष प्रधान समाज को की महिलाएं भी मानव है और जो पूर्ण विकास का अधिकार पुरुषों को है वह हम महिलाओं को भी है। अधिकतर महिलाओं का भी है हमारा मानव होना हमारे लिंग भेद से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है यह बात इस अंतर्राष्ट्रीय महिला ‘खुले आसमान में पंखों को फड़फड़ाने दो, हम नारियों को आजादी का जश्न मनाने दो’। हम मां बहन और बेटी तो बन गए मगर हमारे स्त्री को फिर से जन्म लेने दो, हमारा मान सम्मान स्वाभिमान है आज हम गर्व के साथ ही कहते हैं कि सृष्टि पर अगर ईश्वर की सबसे सुंदर अनुपम और ताकतवर प्रति कोई है तो वह नारी है और ईश्वर की अनुपम कृतिका प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य हमको मिला है, इसलिए हम सब अपने नारी होने पर गर्व का अनुभव करते हैं।
मंत्री गौर कहा कि, आज मेरा मंच मातृशक्ति से भरा हुआ है, मंच पर उपस्थित आदरणीय श्रीमती मौलिक राय जी, आदरणीय श्रीमती डॉक्टर मधु सोलंकी जी, आदरणीय श्रीमती सुधा सिंह चौहान जी, आदरणीय डॉ विजय प्रताप सिंह जी और आज के इस कार्यक्रम में उपस्थित रानी दुल्लैया परिवार के सभी बहुत सम्माननीय डॉक्टर फैकल्टी और इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति से इस कार्यक्रम को सफल बनाने वाले आप सब मेरे बहुत सम्माननीय इंस्टिट्यूट में पढ़ने वाले बहुत स्नेही ऊर्जावान मेरे बच्चों आप सभी को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की कोटि-कोटि बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित करती हूं। आदरणीय हेमंत जी के अनुपस्थित निश्चित रूप से हम सबको आज एहसास कर रही है, लेकिन उनके अनुपस्थिति में भी जो कार्यक्रम आप सब ने यहां पर किया है वह सराहनीय है। एक छोटा सा पौधा आदरणीय हेमंत जी ने जो लगाया था, आज एक विशाल पर वृक्ष के रूप में हमें दिखाई दे रहा है जिसमें हमारे समाज की परिवार की न जाने कितनी प्रतिभाओं को फैलनेऔर पल्लवित होने का अवसर मिल रहा है।
हमारे देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम साहब हमेशा कहा करते थे, बिल्डिंग कितनी आकर्षक है, उसमें पढ़ने वाले बच्चों की स्ट्रेंथ कितनी है, लेकिन इस बात से उस इंस्टिट्यूट के प्रस्तुति जरूर रखी जाती है कि इसमें पढ़ने वाली फैकल्टी कैसी है, उनका डेडीकेशन कैसा है, उनका समर्पण क्या है।
आप यहां नर्सिंग कॉलेज चला रहे हैं, होम्योपैथी और आयुर्वेदिक कॉलेज चला रहे हैं और उसमें भी आज के समय में जब हम यह मानते हैं की एलोपैथिक का इतना जोर है हर एक व्यक्ति तुरंत इलाज चाहता है तुरंत ठीक होना चाहता है लेकिन वह नहीं समझता कि एलोपैथी का नुकसान कितना होता है और ऐसे समय में आयुर्वेद का होम्योपैथी का प्रचार करना या अपने आप में कठिन कार्य तो है लेकिन इस कठिन कार्य को भी सफलतापूर्वक करने का काम हमारे रानी दुल्लैया परिवार ने किया है, उसके लिए भी मैं आपको बहुत बधाई देना चाहूंगी। हमारी आयुर्वेद हमारा होम्योपैथी जैसी विधा है, जो प्राचीन काल से हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग रही है और आप सब आने वाले समय में हमारी सुविधा को आगे बढ़ाने वाले हमारे सूत्रधार बने जा रहे हैं मैं आपके उज्जवल भविष्य की भी कोटि-कोटि शुभकामनाएं देता हूं।
मंत्री गौर आगे कहा कि, देश में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में नारी शक्ति को अनेक अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। महिलाएं हर क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। महिलाएं सशक्त और समृद्धि की ओर अग्रसर हो रही हैं।




