ब्रेकिंग
विद्यालयों में कौशल शिक्षा को अनिवार्य बनाना: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम *ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह समाज तक पहुँचे : श्री संजय कुमार मिश्रा * कोई भी विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रहे- श्री कैलाश जाटव सहकारिता से बढ़ेगी किसानों की आय, विकसित छत्तीसगढ़ की नींव होगी मजबूत : मुख्यमंत्री श्री साय सिम कार्ड और बैंक खातों को एक्टिवेट करने के बाद दुबई भेजा जाता था उमर खालिद और शरजील इमाम की ओर से दायर दूसरी ज़मानत याचिकाओं पर........... ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल टीएमसी अध्यक्ष का पदभार संभाला भारत में घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अब देशभर में निर्णायक कार्रवाई तेज अमरनाथ यात्रा 2026, 3 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगी; यात्रा पर जाने से पहले श्रद्धालुओं ... बेल्जियम के एंटवर्प शहर में 10 मंज़िला अपार्टमेंट बिल्डिंग में भीषण आग
मध्यप्रदेश

मेडिकल कॉलेजों में तैयार होंगे पेशेंट डेडिकेटेड कॉरिडोर

भोपाल । सरकारी मेडिकल कॉलेजों में जाने वाले मरीजों को अभी इलाज से पहले घंटों परेशान होना पड़ता है। हर जगह उसे लंबी-लंबी लाइनों में परेशान होना पड़ता है। मरीजों को परेशानी से निजात दिलाने के लिए प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों से संबंधित अस्पतालों में पेशेंट डेडिकेटेड कॉरिडोर तैयार किए जाएंगे। पहला कॉरिडोर भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध हमीदिया अस्पताल में तैयार किया जाएगा। साल के अंत तक सभी अस्पतालों में ये सुविधा मिलने लगेगी।

डॉक्टर-लैब तक पहुंचना होगा आसान
अभी सरकारी अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन कराने के बाद डॉक्टर तक पहुंचना आसान नहीं होता। बड़ी-बड़ी इमारतों में मरीजों को ये जानकारी ही नहीं मिल पाती कि कौन सा विशेषज्ञ किस फ्लोर या इमारत में बैठता है। कॉरिडोर बनने से मरीज बिना किसी रुकावट के संबंधित विभाग या डॉक्टर तक पहुंच सकेंगे।

ई-स्ट्रेचर भी कराए जा रहे तैयार
अभी मरीज के लिए डॉक्टर और लैब तक पहुंचने का सफर बहुत कष्टकारी होता है। बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। इसे देखते हुए यहां ई-स्ट्रेचर भी चलाए जाएंगे, जो बैटरी से चलेंगे। इससे अस्पतालों में शोर भी नहीं होगा। प्रदेश में यह पहला मौका होगा, जब किसी अस्पताल में ई-स्ट्रेचर की सुविधा मिलेगी। इसके लिए बजट में प्रावधान भी किया गया है। करीब 25 साल पहले जबलपुर मेडिकल कॉलेज में इस तरह का प्रयोग किया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में ये व्यवस्था खत्म हो गई थी। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में पेशेंट डेडिकेटेड कॉरिडोर तैयार किए जाएंगे। इस मरीज खासकर बुजुर्गों का इलाज कराना आसान हो जाएगा। प्रदेश में पहली बार मरीजों को ई-स्ट्रेचर की भी सुविधा मिलेगी।

Related Articles

Slot Site
Back to top button
Don`t copy text!