ब्रेकिंग
विद्यालयों में कौशल शिक्षा को अनिवार्य बनाना: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम *ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह समाज तक पहुँचे : श्री संजय कुमार मिश्रा * कोई भी विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रहे- श्री कैलाश जाटव सहकारिता से बढ़ेगी किसानों की आय, विकसित छत्तीसगढ़ की नींव होगी मजबूत : मुख्यमंत्री श्री साय सिम कार्ड और बैंक खातों को एक्टिवेट करने के बाद दुबई भेजा जाता था उमर खालिद और शरजील इमाम की ओर से दायर दूसरी ज़मानत याचिकाओं पर........... ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल टीएमसी अध्यक्ष का पदभार संभाला भारत में घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अब देशभर में निर्णायक कार्रवाई तेज अमरनाथ यात्रा 2026, 3 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगी; यात्रा पर जाने से पहले श्रद्धालुओं ... बेल्जियम के एंटवर्प शहर में 10 मंज़िला अपार्टमेंट बिल्डिंग में भीषण आग
मध्यप्रदेश

बैरागढ़ का युवक सूडान में फंसा, स्‍वजनों ने प्रधानमंत्री मोदी से लगाई मदद की गुहार

संत हिरदाराम नगर ।   सूडान में हिंसा के बीच बैरागढ़ निवासी एक युवक भारत वापस नहीं आ पा रहा है। चिंतित युवक के स्वजनों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है। युवक ने स्वजनों को फोन पर बताया कि उसके फ्लैट के सामने ही सेना का मुख्यालय है, यहां पर गोलीबारी हो रही है। कई कारतूस फ्लैट परिसर में आकर गिरे हैं। बैरागढ़ निवासी नरेंद्र केवलानी के अनुसार उनका पुत्र जयंत केवलानी कारोबार के सिलसिले में सूडान गया था। वैसे वह दुबई में कारोबार करता है। कुछ दिन के लिए सूडान गया था। 20 अप्रैल को उसे वापस भारत आना था। वापसी के दो दिन पहले ही वहां गृह युद्ध के हालात निर्मित हो गए। वहां की सेना और पैरामिलिट्री रेपिड सपोर्ट फोर्स के बीच वर्चस्व का संघर्ष हो रहा है। सेना मुख्यालय पर हमले के बाद वहां कोई नागरिक घर से बाहर निकलने की स्थिति में नहीं है।

बहन ने ट्विटर पर दर्द साझा किया

जयंत की बहन वंशिका केवलानी ने ट्विटर हैंडल के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर, प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सांसद शंकर लालवानी आदि से मदद की गुहार लगाई है। वंशिका ने पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, दिग्विजय सिंह एवं वरिष्ठ नेता नरेश ज्ञानचंदानी को अपनी आपबीती बताई है। अनहोनी की आशंका से पूरा परिवार चिंतित है। पिता नरेंद्र केवलानी के अनुसार सुरक्षा की चिंता के साथ खाद्य सामग्री की कमी भी बड़ी चिंता है, क्योंकि जयंत एवं उसके साथ रह रहे तीन युवकों के पास दो-तीन दिन की खाद्य सामग्री ही बची है। यदि जल्द कुछ हल नहीं निकला तो हालात बिगड़ जाएंगे। जयंत सूडान की राजधानी खार्तूम में सेना मुख्यालय के पास ही फ्लैट में फंसा है।

Related Articles

Slot Site
Back to top button
Don`t copy text!