ब्रेकिंग
विद्यालयों में कौशल शिक्षा को अनिवार्य बनाना: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम *ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह समाज तक पहुँचे : श्री संजय कुमार मिश्रा * कोई भी विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रहे- श्री कैलाश जाटव सहकारिता से बढ़ेगी किसानों की आय, विकसित छत्तीसगढ़ की नींव होगी मजबूत : मुख्यमंत्री श्री साय सिम कार्ड और बैंक खातों को एक्टिवेट करने के बाद दुबई भेजा जाता था उमर खालिद और शरजील इमाम की ओर से दायर दूसरी ज़मानत याचिकाओं पर........... ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल टीएमसी अध्यक्ष का पदभार संभाला भारत में घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अब देशभर में निर्णायक कार्रवाई तेज अमरनाथ यात्रा 2026, 3 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगी; यात्रा पर जाने से पहले श्रद्धालुओं ... बेल्जियम के एंटवर्प शहर में 10 मंज़िला अपार्टमेंट बिल्डिंग में भीषण आग
खेती-किसानीहेल्थ

केवल एक सेब की कीमत है 500 रुपये, शहद से भी मीठे इस सेब की खासियत जानिए

अक्सर हमलोगों ने बाजारों में कई तरह की सेब के प्रजातियों को देखे होंगे। इसमें मुख्यत हमलोग ने लाल तथा हरे सेब को देखे होंगे। लेकिन, क्या हमलोगों ने कभी बैंगनी या काला सेब को देखा है? इस सवाल का जवाब हमलोगों के पास यही होगा की हमलोगों ने ऐसा सेब कभी नहीं देखा! लेकिन सच्चाई यह है कि तिब्बत के कुछ हिस्सों में काले सेब की खेती होती है और इसकी डिमांड वर्ल्ड काफी है। इसे ब्लैक डायमंड एप्पल (Black Diamond Apple) कहते हैं।

 ये ब्लैक एप्पल

यह Hua Niu परिवार के सेब होते हैं। इसे चाइनीज रेड डिलीसियस भी कहते हैं। यह अपने नाम के अनुरूप एकदम काला भी नहीं है। बल्कि यह डार्क पर्पल कलर का होता है। खास बात है कि ये सेब शहद से भी ज्यादा मीठा होता है।

Black diamond Apple

3100 मीटर की ऊंचाई पर होती है, इस ख़ास किस्म के सेब की खेती

यह दुर्लभ सेब बहुत कम जगहों पर पाया जाता है। तिब्बत की पहाडिय़ों पर उगाये जाने वाला यह इतना गहरा होता है कि देखने पर काला या बैंगनी दिखाई देता है। इसकी खेती समुद्र तल से लगभग 3100 मीटर की उंचाई पर की जाती है। ज्यादा ऊंचाई की वजह से जिस जगह पर इस सेब को उगाया जाता है, वहां दिन और रात के तापमान में काफी अंतर होता है। दिन में पड़ने वाली अल्ट्रा वॉयलेट किरणों की वजह से इन सेबों का रंग बैगनी हो जाता है। सिर्फ तिब्बत की पहाडिय़ों पर उगाया जाने वाला यह सेब अद्भुत है। यहां इसे हुआ नियु (Hua Niu) के नाम से जाना जाता है तथा इसे चाइनीज रेड डिलीशियस के नाम से भी जाना जाता है।

कीमत सुन कर चौंक जाएंगे

इन सेबों की खेती का काम साल 2015 से ही शुरू किया गया है। इन सेबों की सबसे अधिक बिक्री बीजिंग, शंघाई, गुआंगजो और शेन्ज़ेन के बाज़ारों में है। इस एक सेब की कीमत करीब 500 रुपये तक है। ये सेब दूसरे सेबो की अपेक्षा कई गुना ज्यादा महंगा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Slot Site
Back to top button
Don`t copy text!