ब्रेकिंग
विद्यालयों में कौशल शिक्षा को अनिवार्य बनाना: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम *ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह समाज तक पहुँचे : श्री संजय कुमार मिश्रा * कोई भी विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रहे- श्री कैलाश जाटव सहकारिता से बढ़ेगी किसानों की आय, विकसित छत्तीसगढ़ की नींव होगी मजबूत : मुख्यमंत्री श्री साय सिम कार्ड और बैंक खातों को एक्टिवेट करने के बाद दुबई भेजा जाता था उमर खालिद और शरजील इमाम की ओर से दायर दूसरी ज़मानत याचिकाओं पर........... ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल टीएमसी अध्यक्ष का पदभार संभाला भारत में घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अब देशभर में निर्णायक कार्रवाई तेज अमरनाथ यात्रा 2026, 3 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगी; यात्रा पर जाने से पहले श्रद्धालुओं ... बेल्जियम के एंटवर्प शहर में 10 मंज़िला अपार्टमेंट बिल्डिंग में भीषण आग
मुख्य समाचार

झारखंड में भाजपा-झामुमो के बीच शह-मात का खेल 

रांची । राजनीति में शह-मात का खेल हमेशा चलता रहता है। जब जिस दल को मौका मिलता हैं, वह प्रतिद्वंद्वी को पछाड़ने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ता। झारखंड में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और प्रमुख विरोधी दल भाजपा के बीच भी कुछ ऐसा ही खेल शुरु हुआ है। कोशिश एक-दूसरे पर हावी होने के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक बढ़त लेने की है। जहां भाजपा ने आगामी 11 अप्रैल को राज्य सरकार के खिलाफ राजधानी में प्रदर्शन करने की तैयारी तेज की, तब झामुमो ने उसका जवाब देने की रणनीति बनाई।
हेमलाल मुर्मू की झामुमो में वापसी इसका हिस्सा है। उनकी वापसी को लेकर होने वाला समारोह भी 11 अप्रैल को ही होगा। साहिबगंज के भोगनाडीह में होने वाले कार्यक्रम में झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हिस्सा लेने वाले हैं। मुर्मू के बाद भाजपा के एक और कद्दावर नेता को झामुमो में लाने की तैयारी है। इसकी पृष्ठभूमि भी लगभग तैयार हो चुकी है। अगर यह कवायद मुकाम पर पहुंचा तब संताल परगना में झामुमो के खिलाफ माहौल बना रही भाजपा को एक और झटका लगेगा। संताल परगना झामुमो का मजबूत गढ़ है।
प्रमंडल की 18 विधानसभा सीटों में से 14 सीटों पर सत्तारूढ़ झामुमो-कांग्रेस गठबंधन का कब्जा है। पार्टी नेताओं के पाला बदलने का तात्कालिक असर पड़ेगा। संताल परगना में भाजपा के केंद्रीय नेताओं का लगातार प्रवास चल रहा है। प्रदेश के वरीय नेता भी लगातार वहां कैंप कर रहे हैं। आने वाले दिनों में एक-दूसरे के खेमे में सेंधमारी तेज होने का असर राजनीतिक परिणाम पर दिख सकता है।
प्रदेश भाजपा ने 11 अप्रैल को रांची में प्रदर्शन के लिए पूरी ताकत झोंकी है। इससे पहले प्रखंडों और जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम हो चुका है। सोरेन के लगभग साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल में राज्यव्यापी प्रदर्शन का यह पहला मौका है। इस सफल बनाने के लिए भाजपा की प्रदेश कोर टीम की दो बैठकें हो चुकी हैं। इसके साथ-साथ बूथ सशक्तिकरण अभियान में पार्टी जुटी है ताकि चुनाव में बेहतर परिणाम आए।

Related Articles

Slot Site
Back to top button
Don`t copy text!