ब्रेकिंग
MP के 25 शहरों में तापमान 10°C से कम: नेशनल हेराल्ड केस में दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सोनिया-राहुल समेत 7 आरोपियों को जारी किया नोटिस यादव समाज शिक्षित, संगठित और स्वावलंबी समाज है:- किशन सूर्यवंशी, अध्यक्ष नगर निगम, भोपाल मनरेगा खत्म कर नई योजना लाएगी मोदी सरकार; अब 100 की जगह 125 दिन काम की गारंटी; महात्मा गांधी का नाम ... बिहार में बड़ा बदलाव: संजय सरावगी बने भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष; दिलीप जायसवाल की जगह संभालेंगे कमा... केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह को पाकिस्तान से खतरा:गृह मंत्रालय ने सुरक्षा बढ़ाई; भोपाल-दिल्ली आवास के... मेसी हैदराबाद में थोड़ी देर में फ्रेंडली मैच खेलेंगे:फुटबॉलर कोलकाता स्टेडियम से जल्दी निकले, फैंस ने... विकास और सेवा के दो साल - प्रदेश में दो साल में हुआ अकल्पनीय विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का स्वामी विवेकानंद वि... मोदी सरकार का बड़ा फैसला: 2027 में होगी देश की पहली डिजिटल जनगणना, कैबिनेट ने 11,718 करोड़ के बजट को...
मुख्य समाचार

युवकों ने बेरहम पिटाई से कुत्ते को उतारा मौत के घाट

अजमेर | सिरोही ज़िले के स्वरूपगंज थाना क्षेत्र के धनारी बांध के निकट एक हृदय को विचलित करने वाली घटना सामने आई है। यहां पशु क्रूरता की भयानक तस्वीरें देखने को मिली। यहां कुछ अज्ञात युवक एक कुत्ते को डंडों पीटते हुए दिख रहे हैं। युवकों की बेरहम पिटाई से कुत्ते की मौत हो गई।जानकारी के अनुसार धनारी बांध के निकट एक कुत्ते को कुछ युवक डंडा लेकर पहले तो काफी देर दौड़ाते रहे। चारों तरफ से घिरने के कुछ देर बाद कुत्ता थक गया तब युवकों ने उस पर डंडों से हमला करना शुरू कर दिया। बेरहम युवक कुत्ते को तब तक पीटते रहे जब तक उसके प्राण नहीं निकल गए।

युवकों ने ताबड़तोड़ प्रहार से कुत्ते की जान चली गई, लेकिन बेरहम युवक फिर भी करके कुत्ते के शव पर लाठियां चलाते रहे।आस के लोगों ने घटनाक्रम की सूचना स्वरूपगंज पुलिस को दी। स्वरूपगंज थाना क्षेत्र के धनारी बांध के पास हुई इस हृदय विदारक घटना से लोगों में गुस्सा है। इस मामले में पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई का प्रावधान होता है। अब पुलिस इस पूरे घटनाक्रम पर क्या संज्ञान लेती है यह देखने वाली बात होगी।

यह है सजा का प्रावधान

आईपीसी की धारा 428, 429 और पीसीए एक्ट की धारा 11 के तहत गली के आवारा कुत्तों को मारना दंडनीय अपराध है। ज्यादा से ज्यादा इनकी रोकथाम के लिए नसबंदी की जा सकती है। सरकार की नीति और एनिमल बर्थ कंट्रोल 2011 के तहत जिस क्षेत्र में इन आवारा कुत्तों का आतंक है, वहां इनकी नसबंदी के बाद उसे वापस भेजा जाएगा और इन्हें मारा नहीं जा सकता। यदि कोई इन आवारा कुत्तों या मवेशियों को परेशान करेगा या मारने की कोशिश करेगा तो इसकी शिकायत पुलिस थाने में भी की जा सकेगी।

 

Related Articles

Back to top button
Don`t copy text!