उमर खालिद और शरजील इमाम की ओर से दायर दूसरी ज़मानत याचिकाओं पर………..
दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़ी बड़ी आपराधिक साजिश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की ओर से दायर दूसरी ज़मानत याचिकाओं पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। नई याचिकाओं में यह तर्क दिया गया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनकी पिछली ज़मानत याचिकाएं खारिज किए जाने के बावजूद, पिछले छह महीनों में मुकदमे में बहुत कम प्रगति हुई है, जबकि दोनों आरोपी अब तक लगभग छह साल जेल में बिता चुके हैं। सुनवाई कड़कड़डूमा कोर्ट में हुई, जिसने याचिकाओं पर अपना फ़ैसला सुरक्षित रखने से पहले कार्यवाही पूरी की। यह दूसरी बार है जब खालिद और इमाम ने इस मामले में ज़मानत मांगी है। उनकी पिछली याचिकाएं इस साल 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थीं। अपनी नई याचिकाओं में दोनों आरोपियों ने तर्क दिया है कि सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के छह महीने बाद भी कार्यवाही में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने यह भी बताया है कि वे पिछले छह वर्षों से जेल में हैं जबकि मुक़दमा चल रहा है। पिछली सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर ज़मानत की नई अर्जियों पर उनका जवाब मांगा था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, कड़कड़डूमा कोर्ट ने कार्यवाही पूरी कर ली और अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। फ़ैसला सुनाने की तारीख़ अभी घोषित नहीं की गई है।



