पांच क्षुद्रग्रह धरती की ओर आ रहे हैं
एक-दो नहीं, बल्कि पांच दैत्यकार क्षुद्रग्रह धरती की ओर आ रहे हैं. इनमें से एक तो फुटबॉल स्टेडियम के आकार के बराबर है. जो धरती के बिल्कुल करीब से होकर गुजरेगा. साइंटिस्ट के मुताबिक, अगर ये टकराए तो भयानक तबाही मच सकती है. इसलिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) समेत कई एजेंसियां इनका रास्ता बदलने में जुट गई हैं. हालांकि, डरने वाली बात नहीं है, क्योंकि ये टक्कर आमतौर पर नहीं होगी.
नासा के क्षुद्रग्रह वॉच डैशबोर्ड के अनुसार, आकाशीय ‘दैत्यों’ के इन समूह का नेतृत्व 2008 OS7 नाम का एक क्षुद्रग्रह कर रहा है, जिसे 2008 में नासा ने खोजा था. इसकी चौड़ाई 890 फीट से भी ज्यादा है. नासा के मुताबिक, 2 फरवरी को यह विशालकाय उल्कापिंड धरती की ओर आने के लिए तैयार है. नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (जेपीएल) के अनुसार, उस वक्त यह पृथ्वी से 2,850,000 किलोमीटर की दूरी पर होगा. जो अपेक्षाकृत सबसे कम दूरी होगी. यानी आज से पहले इतने करीब से कोई इतना बड़ा क्षुद्रग्रह नहीं गुजरा था. हालांकि, इसका कोई असर नहीं होने वाला, लेकिन यह काफी रोमांचक पल होगा.
इनका कोई खतरा नहीं होता
नासा के अनुसार, धरती के निकट अधिकांश वस्तुएं ऐसी हैं, जिनकी कक्षाएं अलग होने की वजह से वह धरती पर नहीं टकरातीं. इसलिए इनका कोई खतरा नहीं होता. लेकिन इनमें से एक छोटा सा हिस्सा, जब टूटकर आता है, जिसे खतरनाक क्षुद्रग्रह कहते हैं, उनपर ध्यान देने की जरूरत होती है. 2008 OS7 के अलावा नासा ने चार अन्य क्षुद्रग्रहों के बारे में भी चेतावनी दी है, जो एक घर के आकार से लेकर एक इमारत के आकार तक के हैं. इनमें 2007 EG, 130 फुट लंबा हवाई जहाज के आकार का यह क्षुद्रग्रह यह 29 जनवरी को थोड़ा करीब से गुजरेगा. तब इसकी धरती से दूरी 16,110,000 किलोमीटर होगी.
इनको लेकर भी अलर्ट दिया
एक फरवरी को 62 फुट लंबा क्षुद्रग्रह 2024 BY गुजरेगा. तब उसकी धरती से दूरी 2,530,000 किमी होगी. कुछ ही देर बाद 2003 बीएम4 धरती के करीब से गुजरेगा. यह 120 फीट व्यास का है. तब धरती से इसकी दूरी 3,320,000 किलोमीटर होगी. इसके बाद 2 फरवरी को 2024 BP1 धरती से 3,420,000 किमी की दूरी से गुजरेगा. यह 130 फुट का है. बता दें कि नासा का एक सिस्टम है, जो उन क्षुद्रग्रहों को ट्रैक करता है जो पृथ्वी के 7.5 मिलियन किलोमीटर के भीतर हैं.
