ब्रेकिंग
विद्यालयों में कौशल शिक्षा को अनिवार्य बनाना: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम *ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह समाज तक पहुँचे : श्री संजय कुमार मिश्रा * कोई भी विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रहे- श्री कैलाश जाटव सहकारिता से बढ़ेगी किसानों की आय, विकसित छत्तीसगढ़ की नींव होगी मजबूत : मुख्यमंत्री श्री साय सिम कार्ड और बैंक खातों को एक्टिवेट करने के बाद दुबई भेजा जाता था उमर खालिद और शरजील इमाम की ओर से दायर दूसरी ज़मानत याचिकाओं पर........... ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल टीएमसी अध्यक्ष का पदभार संभाला भारत में घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अब देशभर में निर्णायक कार्रवाई तेज अमरनाथ यात्रा 2026, 3 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगी; यात्रा पर जाने से पहले श्रद्धालुओं ... बेल्जियम के एंटवर्प शहर में 10 मंज़िला अपार्टमेंट बिल्डिंग में भीषण आग
मुख्य समाचार

मुंबई में कोविड के मामले पहुंचे एक हजार के पार

कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी के दृष्टिगत बीएमसी ने अपनी डिस्पेंसरियों को निर्देश दिए हैं कि वे एहतियात बरतें और कोविड के लक्षणों वाले रोगियों का कोविड-19 परीक्षण करें। हालांकि ये दिशानिर्देश कागजों में ही रह गए और अभी तक इनका कार्यान्वयन शुरू नहीं हुआ है। ऐसा इसलिए है क्योंकि डिस्पेंसरियों में कोविड परीक्षण किट ही उपलब्ध नहीं हैं।

शहर भर में 5 नागरिक औषधालयों का दौरा करने पर पाया कि उनमें से किसी के भी पास परीक्षण किट नहीं थी। बता दें कि इन डिस्पेंसरियों को डायग्नोस्टिक सुविधाएं प्रदान करने का टेंडर कृष्ण डायग्नोस्टिक को मिला है, लेकिन उन्होंने अभी तक डिस्पेंसरियों में कोविड किट उपलब्ध नहीं करवाई हैं।

कोविड मामले बढ़ने पर दी परीक्षण बढ़ाने की सलाह

फरवरी के मध्य से, शहर में कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इस उछाल से शहर में सक्रिय कोविड मामलों की संख्या एक हजार से अधिक हो गई है। इस बारे में केंद्र सरकार ने पहले ही पत्र लिखकर राज्य के स्वास्थ्य विभाग को परीक्षण बढ़ाने के लिए कहा है। पिछले करीब एक माह से शहर में प्रतिदिन औसतन 1300 कोविड परीक्षण किए जा रहे हैं।

गुरुवार को नागरिक स्वास्थ्य विभाग ने सभी डिस्पेंसरियों को संदेश भेजा कि इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी (ILI) के लक्षणों वाले लोगों की कोविड जांच होनी चाहिए, लेकिन कमाल यह है कि डिस्पेंसरियों में कोविड जांच किट ही उपलब्ध नहीं हैं। आश्चर्यजनक रूप से परिधीय अस्पतालों में भी रैपिड टेस्टिंग किट नहीं हैं और वे वर्तमान में स्वैब लेकर परीक्षण के लिए इन्हें कस्तूरबा अस्पताल भेज रहे हैं।

जल्द दूर होगी किट्स की किल्लत

बीएमसी कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मंगला गोमारे से बातचीत करने पर उन्होंने कहा कि डिस्पेंसरियों को कोविड परीक्षण करने के लिए कहा गया है। डिस्पेंसरियों को जल्द ही परीक्षण किट्स उपलब्ध करवाई जाएंगी। अगले 2 से 3 दिनों में परीक्षण शुरू हो जाएंगे।

Related Articles

Slot Site
Back to top button
Don`t copy text!