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मिश्रित टीम के एकल वर्ग में भी किया कमाल, ज्योति ने देश को दिलाए दो स्वर्ण

कंपाउंड तीरंदाज ज्योति सुरेखा वेनम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारत को विश्वकप तीरंदाजी के पहले चरण में दोहरी स्वर्णिम जीत दिला दी। उन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के अलावा मिश्रित टीम स्पर्धा में जोड़ीदार ओजस देवतले के साथ भी गोल्ड जीता।पहले उन्होंने 20 साल के ओजस के साथ शनिवार को यहां चीनी ताइपे की टीम को 159-154 से हराकर मिश्रित टीम का स्वर्ण पदक जीतकर खाता खोला। दोपहर के सत्र 2021 की विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता ज्योति ने कोलंबिया की सारा लोपेज को 149-146 से हराकर पहली बार स्वर्ण जीता। इसके साथ ही ज्योति ने 2021 में हुई विश्व चैंपियनशिप में कोलंबियाई प्रतिद्वंद्वी से मिली 144-146 की हार का हिसाब भी बराबर कर लिया।

एक अंक से विश्व रिकॉर्ड चूका

भारतीय जोड़ी एक अंक से विश्व रिकॉर्ड बनाने से चूक गई। ज्योति और 20 वर्षीय देवतले की दूसरी वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने केवल एक अंक गवाया नहीं तो स्कोर 160 में से 160 होता। ज्योति ने अपने 8 में से 8 तीर परफेक्ट 10 अंकों वाले लगाए लेकिन ओजस एक में चूक और नौ अंक ही ले सके।

मिश्रित कंपाउंड में दूसरा स्वर्ण

भारत का मिश्रित कंपाउंड स्पर्धा में यह विश्व कप में दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले ज्योति और अभिषेक वर्मा ने पेरिस में 2022 में विश्वकप के तीसरे चरण में स्वर्ण पदक जीता था। राष्ट्रीय ट्रायल्स में टीम में जगह बनाने में नाकाम रहे वर्मा की अनुपस्थिति के बावजूद भारतीय जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया तथा 16 निशानों में से 15 निशाने सही लगाकर अपनी 12वीं वरीयता प्राप्त प्रतिद्वंदी टीम को एकतरफा फाइनल में आसानी से हराया। ज्योति और देवतले ने लगातार परफेक्ट 10’ का स्कोर बनाया और जल्द ही 120-116 से बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद भी उन्होंने अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखकर आसानी से पहला स्थान हासिल किया।

भारत रविवार को रिकर्व वर्ग में दो पदक की होड़ में है। भारत की पुरुष रिकर्व टीम चीन के साथ स्वर्ण पदक की होड़ करेगी जबकि सेना के धीरज सेमीफाइनल में पहुंच चुके है और एक जीत उनका पदक तय कर देगी।

 

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