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मध्यप्रदेश

विस में गूंजा एनआरआई कोटे में अनियमितता का मामला

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा-कोर्ट के आदेश पर दिए प्रवेश

भोपाल । राज्य विधानसभा में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने जानकारी दी कि जबलपुर उच्च न्यायालय के आदेश पर साल 2017 में  निजी चिकित्सा महाविदयालय में एनआरआई कोटे में वैध पाए गए 105 छात्रों को प्रवेश दिया गया। एनआरआई कोटे में कालेजों में प्रवेश में भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाते हुए प्रश्नोत्तरकाल में तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने सवाल पूछा कि एनआरआई कोटे से एमपी में किन छात्रों को एडमिशन दिया गया है? आगे कहा कि उज्जैन के आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में किनका एडमिशन हुआ और किस आधार पर हुआ? जब गरीब छात्रों की फीस नहीं भरी जा रही, तो इनकी फीस किस आधार पर दी जा रही है। विधायक महेश परमार छात्रों की सूची उपलब्ध कराने की मांग पर अड़ गए।परमार ने कहा कि पहले आपके विभाग ने एडमिशन दिया और बाद में उन्हें अपात्र माना, ये कैसे हुआ? जांच होनी चाहिए।  इस दौरान मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि सदस्य को पूरी जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। वे पढकर नहीं आए है। उन्होंने कहा कि जबलपुर उच्च न्यायालय के आदेश पर साल 2017 में  निजी चिकित्सा महाविदयालय में एनआरआई कोटे में वैध पाए गए 105 छात्रों को प्रवेश दिया गया।

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