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पूरे सैन्य सम्मान के साथ पुंछ में शहीद जवानों को दी अंतिम विदाई

जम्मू । जम्मू-कश्मीर के पुंछ में हुए हमले में शहीद पांच सैन्यकर्मियों को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अं‎तिम ‎विदाई दी। इनमें से पंजाब के चार जवानों चनकोइयां गांव निवासी हवलदार मनदीप सिंह, चरिक गांव निवासी लांस नायक कुलवंत सिंह, तलवंडी निवासी सिपाही हरकृष्ण सिंह और बगहा गांव निवासी सिपाही सेवक सिंह के पार्थिव शरीरों का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। आंतकी हमले में शहीद पांचवा जवान ओडिशा का रहने वाला था। हमले में शहीद चारों जवानों की पार्थिव देह को शनिवार सुबह उनके पैतृक गांवों में लाया गया। सैन्य वाहन से जब कुलवंत सिंह का पार्थिव शरीर मोगा जिले में स्थित उनके गांव पहुंचा तो ‘शहीद अमर रहे’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से आसमान गूंज उठा। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे। कुलवंत सिंह के अंतिम संस्कार में फरीदकोट के सांसद मोहम्मद सादिक, मोगा के विधायक अमनदीप कौर अरोड़ा और जिला प्रशासन, पुलिस और सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजद रहे।
इधर लुधियाना में मनदीप सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करने बड़ी संख्या में लोग चनकोइयां गांव में जमा हुए। पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर सिंह की 11 साल की बेटी और आठ साल के बेटे ने उन्हें सलामी दी। बेटे ने चिता को मुखाग्नि दी। सिपाही सेवक सिंह का बठिंडा में उनके गांव में अंतिम संस्कार किया गया। सिंह वर्ष 2018 में सेना में शामिल हुए थे। परिवार में उनके पिता है जो दिहाड़ी मजदूर हैं और दो बहने हैं। सेवक सिंह के अंतिम संस्कार में ‘आप आदमी पार्टी की विधायक बलजिंदर कौर, दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बालकौर सिंह, सेना के अधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी और पुलिस अधिकारी शामिल हुए।
इसी तरह हरकृष्ण सिंह की भी अं‎तिम ‎विदाई हुई। उनके परिवार में पत्नी और दो साल की बेटी है। हरकृष्ण सिंह के पिता मंगल सिंह ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। ‘आप’ विधायक अमनशेर सिंह और जिला उपायुक्त हिमांशु अग्रवाल हरकृष्ण सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। पंजाब सरकार ने शहीद सैनिकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि और एक-एक आश्रित को नौकरी देने की घोषणा की।

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