ब्रेकिंग
विद्यालयों में कौशल शिक्षा को अनिवार्य बनाना: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम *ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह समाज तक पहुँचे : श्री संजय कुमार मिश्रा * कोई भी विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रहे- श्री कैलाश जाटव सहकारिता से बढ़ेगी किसानों की आय, विकसित छत्तीसगढ़ की नींव होगी मजबूत : मुख्यमंत्री श्री साय सिम कार्ड और बैंक खातों को एक्टिवेट करने के बाद दुबई भेजा जाता था उमर खालिद और शरजील इमाम की ओर से दायर दूसरी ज़मानत याचिकाओं पर........... ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल टीएमसी अध्यक्ष का पदभार संभाला भारत में घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अब देशभर में निर्णायक कार्रवाई तेज अमरनाथ यात्रा 2026, 3 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगी; यात्रा पर जाने से पहले श्रद्धालुओं ... बेल्जियम के एंटवर्प शहर में 10 मंज़िला अपार्टमेंट बिल्डिंग में भीषण आग
मध्यप्रदेश

सिंधिया पर दिग्‍गी के बयान से बिफरे शिवराज, बोले- वो गद्दार नहीं, खुद्दार हैं

भोपाल  ।   चुनावी साल में प्रदेश के दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच जुबानी जंग लगातार तीक्ष्‍ण होती जा रहा है। हाल ही में कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता व पूर्व मुख्‍यमंत्री दिग्‍विजय सिंह ने पूर्ववर्ती कमल नाथ सरकार के गिरने की वजह विधायकों की खरीदफरोख्‍त बताते हुए उज्‍जैन में यह बयान दिया था कि ‘हे प्रभु, हे महाकाल, कांग्रेस में दूसरा कोई ज्योतिरादित्य सिंधिया पैदा न हो।’ उनके इस बयान पर शनिवार को सीएम शिवराज सिंह ने पलटवार किया। सीएम शिवराज ने कहा कि दिग्विजय सिंह ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया समेत जो कांग्रेस छोड़कर साथी भाजपा में आए हैं , उन्हें गद्दार बता रहे है लेकिन वह याद रखें कि वह गद्दार नहीं ,खुद्दार हैं। शिवराज ने सवालिया अंदाज में कहा कि आखिर वो कांग्रेस में कितना अपमान सहते। (कांग्रेस ने) चुनाव लड़ा सिंधिया के नाम पर और मुख्यमंत्री बना दिया बुजुर्ग कमल नाथ को! और सरकार भी कमल नाथ नहीं पीछे से दिग्विजय सिंह चला रहे थे। कमल नाथ तो नाममात्र के चेहरे थे। उस दौरान बार-बार सिंधिया जी और उनके साथी जनसमस्याओं की तरफ ध्यान दिला रहे थे। लेकिन कमल नाथ जी का अहंकार इतना बड़ा था कि जब सिंधिया जी ने कहा कि हम सड़कों पर उतरेंगे तो कहा उतर जाओ। घमंड इतना कि कहते हैं कि मैं गाड़ी में बैठाकर दूसरी पार्टी में छोड़ आऊंगा। कोई भी खुद्दार यह कैसे बर्दाश्त करता। (विधायक) मिलने जाएं तो कहते थे चलो-चलो…आखिर कितने अपमानित होते!

शिवराज ने आगे कहा कि अगर वे गलत लोग होते तो जनता उनको हजारों वोटों से कैसे जिताती? जो कांग्रेस में रहकर हज़ार-दो हज़ार वोटों से जीते थे, वह भाजपा में आकर 50-60 हजार वोटों से चुनाव जीते। उन्होंने इस्तीफा दिया, चुनाव लड़ा और शान से जीतकर आए। लेकिन कांग्रेस में तो छोटेपन और ओछेपन की होड़ लगी हुई है। हर नेता दूसरे नेता को छोटा करने के लिए बड़ा बयान देना चाहता है। कमलनाथ जी और दिग्विजय सिंह जी भी इस होड़ में शामिल है। सूत ना कपास , ना जुलाहों में लठ्ठम लट्ठा। कांग्रेस का क्या होगा भगवान मालिक है…।

Related Articles

Slot Site
Back to top button
Don`t copy text!