ब्रेकिंग
विद्यालयों में कौशल शिक्षा को अनिवार्य बनाना: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम *ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह समाज तक पहुँचे : श्री संजय कुमार मिश्रा * कोई भी विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित न रहे- श्री कैलाश जाटव सहकारिता से बढ़ेगी किसानों की आय, विकसित छत्तीसगढ़ की नींव होगी मजबूत : मुख्यमंत्री श्री साय सिम कार्ड और बैंक खातों को एक्टिवेट करने के बाद दुबई भेजा जाता था उमर खालिद और शरजील इमाम की ओर से दायर दूसरी ज़मानत याचिकाओं पर........... ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल टीएमसी अध्यक्ष का पदभार संभाला भारत में घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अब देशभर में निर्णायक कार्रवाई तेज अमरनाथ यात्रा 2026, 3 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगी; यात्रा पर जाने से पहले श्रद्धालुओं ... बेल्जियम के एंटवर्प शहर में 10 मंज़िला अपार्टमेंट बिल्डिंग में भीषण आग
छत्तीसगढ़

समय पर नहीं मिली एंबुलेंस तो महिला ने घर में दिया नवजात को जन्म

घर पर प्रसव के कुछ घंटे बाद प्रसूता और नवजात की मौत हो गई। समय पर  एंबुलेंस की व्यवस्था नही मिलने का परिवार ने आरोप लगाया है। एचएमओ ने कहा मामले की जांच की जा रही है।

कोरबा में प्रसव पीड़ा से जूझ रही मेरई गांव में एक आदिवासी महिला को समय पर सरकारी एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल सकी। इसके अभाव में घर पर ही उसका प्रसव कराया गया। हालत बिगड़ने पर महिला और नवजात को सरकारी अस्पताल ले जाया गया। कुछ घंटे बाद कटघोरा सीएचसी में दोनों की मौत हो गई। कोरबा में इन्हें मृत घोषित किया गया और पंचनामा की कार्रवाई की गई।

पोड़ी उपरोड़ा सब डिवीजन के अंतर्गत आने वाले मेरई गाव की निवासी प्रमिला नेति के दो बच्चें हैं। एक लड़की और एक लड़का इन दिनों वह गर्भवती थी। उसके पति राज सिंह ने बताया कि प्रसव पीड़ा बढ़ने पर सरकारी एंबुलेंस की सुविधा प्राप्त करने के लिए लगातार संपर्क किया गया। लेकिन, जवाब मिला कि सभी वाहन व्यस्त हैं। ऐसे में गांव की ही मितानिन के जरिए घर पर प्रसव कराया गया। इस दौरान बच्चे की मौत हो गई। हालत बिगड़ने पर 108 के माध्यम से मां को अस्पताल लाया गया जहां उसने भी दम तोड़ दिया।

मृतका के पति राज सिंह ने बताया कि प्रसव मितानिन के माध्यम से घर पर ही हुआ। नवाजत कि मौत हो गयी वहीं हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल लाया गया जहां उसकी मौत हो गयी।  कुछ घंटे बाद स्वास्थ बिगड़ने पर पत्नी और बच्चे को जटगा के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां पर सामान्य उपचार के बाद चिकित्सक ने कटघोरा रेफर कर दिया। मौत को लेकर बताया गया कि कमजोरी के कारण यह घटना हुई। अगर समय पर एंबुलेंस की सुविधा प्राप्त होती और अस्पताल में प्रसव होता तो अनहोनी को रोका जा सकता था।

जिला अस्पताल चौकी रविन्द्र कुमार जनार्दन ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में मृतका के परिजनों का बयान लिया है। पोस्टमार्टम  रिपोर्ट आने पर उन कारणों का पता चल सकेगा जो महिला के मौत के लिए जिम्मेदार बने। इस मामले में 108 के जिला प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि 108 पर फोन करने पर जटगा उपस्वास्थ्य केंद्र, कटघोरा स्वास्थ्य केंद्र फिर हालत बिगड़ने पर 108 के माध्यम से मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया गया था।

जिला स्वास्थ्य अधिकारी एसएन केसरी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है बीएमओ को जांच के लिए कहा गया है। प्रसूता और बच्चे की मौत कब और कैसे हुई है इस मामले में जांच की जा रही है।

 

Related Articles

Slot Site
Back to top button
Don`t copy text!