उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता पर गठित कमेटी ने यूसीसी के लिए अपना मसौदा सरकार को सौंप दिया

जल्द ही उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बन सकता है। इससे पहले गोवा में शुरुआत से ही यह कानून लागू है। शुक्रवार को जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई समिति के अंतिम मसौदे को मुख्यमंत्री को सौंप दिया। आगामी दिनों में इसे विधानसभा और राज्यपाल से मंजूरी मिल सकती है और इसके बाद यह कानून बन जाएगा। इस बीच, यूसीसी रिपोर्ट पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने खुशी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि राज्य में सबको समान अधिकार प्रदान करने हेतु सदैव संकल्पित हैं।
उत्तराखंड में यूसीसी को लेकर अभी क्या हुआ है?
राज्य में समान नागरिक संहिता पर गठित कमेटी ने यूसीसी के लिए अपना मसौदा सरकार को सौंप दिया है। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में सीएम धामी को रिपोर्ट सौंपी। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि लंबे समय से हमें इस मसौदे का इंतजार था, आज हमें मसौदा मिल गया है। हमने उत्तराखंड की जनता से वादा किया था कि नई सरकार के गठन के बाद हम समान नागरिक संहिता के लिए कानून बनाएंगे।




