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भारत का तीसरी बार टूटा सपना

ऑस्ट्रेलिया टीम छठी बार बनी वर्ल्ड चैंपियन

नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए वर्ल्ड कप 2023 फाइनल मुकाबले को ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 6 विकेट से जीत लिया है। इसके साथ ही भारतीय टीम 20 साल बाद भी कंगारू टीम से पार नहीं पा पाया। जबकि कंगारू टीम छठी बार वर्ल्ड चैंपियन बनी है। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 140 करोड़ भारतीय फैंस का दिल तोड़ दिया है।

बता दें कि, 2003 के बाद से अब तक ऑस्ट्रेलियाई टीम से पार पाने में असमर्थ रही है। एक बार फिर भारत का सपना सपना ही रह गया है।

वहीं मिशेल स्टार्क की अगुआई में गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन के बाद ट्रेविस हेड के शतक से ऑस्ट्रेलिया ने आईसीसी क्रिकेट विश्व कप फाइनल में भारत को छह विकेट से हराकर लगातार नौवीं जीत के साथ अभूतपूर्व छठा एकदिवसीय विश्व कप जीता और साथ ही करोड़ों भारतीयों का दिल और मेजबान टीम का विश्व चैंपियन बनने का सपना तोड़ दिया।

लगातार 10 जीत के विजय रथ पर सवार होकर फाइनल में पहुंचे भारत को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में तीसरा विश्व कप जीतने की उम्मीद थी। टूर्नामेंट के सबसे सफल बल्लेबाज विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन ने एकदिवसीय विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का दूसरी बार हिस्सा बनने का सपना देखा था जबकि कप्तान रोहित शर्मा पहली बार एकदिवसीय विश्व चैंपियन बनने का सपना संजोए थे लेकिन पैट कमिंस की टीम ने इन सपनों को साकार नहीं होने दिया। ऑस्ट्रेलिया ने दिखा दिया कि क्यों वह विश्व क्रिकेट की शीर्ष टीम है। टीम ने भारत के खिलाफ पहले मैच सहित लगातार दो हार के साथ अपने अभियान की शुरुआत की लेकिन फिर लगातार नौ मैच जीतकर खिताब अपने नाम किया।

भारत के 241 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने हेड की 120 गेंद में चार छक्कों और 15 चौकों से 137 रन की पारी के अलावा मार्नस लाबुशेन (110 गेंद में नाबाद 58 रन, चार चौके) के साथ उनकी चौथे विकेट की 192 रन की साझेदारी से 43 ओवर में चार विकेट पर 241 रन बनाकर जीत दर्ज की। भारत इस तरह जोहानिसबर्ग में 2003 विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार का बदला चुकता करने में विफल रहा। टीम को इसी साल विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भी ऑस्ट्रेलिया ने हराया था जबकि 2015 विश्व कप सेमीफाइनल में भी इसी टीम ने उसे शिकस्त दी थी।

गेंदबाजों ने किया निराश 

भारत की हार की नींव हालांकि पहली पारी में ही रख दी गई जब उसके बल्लेबाजों ने अति रक्षात्मक रवैया अपनाया और टीम आखिरी 40 ओवर में सिर्फ चार चौके मार सकी जो ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के दबदबे को दर्शाता है। लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत भी खराब रही और टीम ने 47 रन तक ही तीन विकेट गंवा दिए। शमी ने सेमीफाइनल की तरह फाइनल में भी मैच की अपनी पहली गेंद पर विकेट चटकाया। उन्होंने डेविड वार्नर (07) को स्लिप में कोहली के हाथों कैच कराया। मिशेल मार्श (15) ने शमी पर छक्का मारा लेकिन जसप्रीत बुमराह ने उन्हें विकेटकीपर राहुल के हाथों कैच कराया दिया। बुमराह ने अपने अगले ओवर में स्टीव स्मिथ (04) को भी पगबाधा किया। सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड ने हालांकि एक छोर संभाले रखा। उन्होंने शमी पर लगातार दो चौके मारे जिससे ऑस्ट्रेलिया ने 10 ओवर में तीन विकेट पर 60 रन बनाए। हेड ने इसके बाद लाबुशेन के साथ मिलकर पारी को संवारा। दोनों ने 20वें ओवर में टीम के रनों का शतक पूरा किया।

टीम को अंतिम 10 ओवर में जीत के लिए सिर्फ 16 रन की दरकार थी। ऑस्ट्रेलिया जब जीत से दो रन दूर था तब हेड सिराज की गेंद को बाउंड्री पर शुभमन गिल के हाथों में खेल गए। ग्लेन मैक्सवेल ने हालांकि अगली गेंद पर दो रन के साथ टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया।

 बड़ा स्कोर बनाने में नाकामयाब टीम इंडिया

वहीं भारतीय पारी की बात करें तो, भारत की शुरुआत अच्छी रही। कप्तान रोहित शर्मा और शुबमन गिल ने पहले विकेट के लिए 30 रन जोड़े। लेकिन गिल 7 गेंदों में महज 4 रन ही बना पाए। रोहित की तूफानी बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 7वें ओवर में 50 रन पूरे कर लिए थे। लेकिन रोहित अपना अर्धशतक पूरा नहीं कर पाए और 47 रन बनाकर मैक्सवेल के शिकार बन गए। रोहित ने कोहली के साथ दूसरे विकेट के लिए 46 रन की पार्टनरशिप की। वहीं रोहित के बाद आउट होने के बाद श्रेयस अय्यर 4 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद कोहली और केएल राहुल ने चौथे विकेट के लिए 67 रन की अहम साझेदारी की। कोहली ने 63 गेंदों में चार चौकों के जरिए 54 रन बनाए और आउट हो गए। इस दौरान राहुल ने बेहद धीमी पारी खेली। उन्होंने 107 गेंदों में 66 रन बनाए। रविंद्र जडेजा ने 9, मोहम्मद शमी 6 और जसप्रीत बुमराह 1 रन बनाकर पवेलिय लौट गए। सूर्याकुमार यादव भी कुछ कमाल नहीं दिखा पाए और 18 रन पर अपना विकेट गंवा बैठे। कुलदीप यादव ने 10 रन बनाकर रन आउट हो गए। सिराज 9 रन बनाकर नाबाद लौटे।

इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मिशेल स्टार्क ने तीन जबकि जोश हेजलवुड और पैट कमिंस ने 2-2 और ग्लेन मैक्सवेल और एडम जम्पा ने 1-1 विकेट झटका।

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