ब्रेकिंग
MP के 25 शहरों में तापमान 10°C से कम: नेशनल हेराल्ड केस में दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सोनिया-राहुल समेत 7 आरोपियों को जारी किया नोटिस यादव समाज शिक्षित, संगठित और स्वावलंबी समाज है:- किशन सूर्यवंशी, अध्यक्ष नगर निगम, भोपाल मनरेगा खत्म कर नई योजना लाएगी मोदी सरकार; अब 100 की जगह 125 दिन काम की गारंटी; महात्मा गांधी का नाम ... बिहार में बड़ा बदलाव: संजय सरावगी बने भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष; दिलीप जायसवाल की जगह संभालेंगे कमा... केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह को पाकिस्तान से खतरा:गृह मंत्रालय ने सुरक्षा बढ़ाई; भोपाल-दिल्ली आवास के... मेसी हैदराबाद में थोड़ी देर में फ्रेंडली मैच खेलेंगे:फुटबॉलर कोलकाता स्टेडियम से जल्दी निकले, फैंस ने... विकास और सेवा के दो साल - प्रदेश में दो साल में हुआ अकल्पनीय विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का स्वामी विवेकानंद वि... मोदी सरकार का बड़ा फैसला: 2027 में होगी देश की पहली डिजिटल जनगणना, कैबिनेट ने 11,718 करोड़ के बजट को...
विदेश

नेपाल के लिए नुकसान का सौदा साबित हो रहे चीन से खरीदे विमान 

बीजिंग । चीन के कर्ज जाल ने भारत के पड़ोसी देश नेपाल को ऐसा फंसाया कि वहां पिछले नौ साल से इससे बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है, लेकिन फिर भी सफल नहीं हो सका है। आलम ये है कि नेपाल को इसकी वजह से हर साल 60 करोड़ नेपाली रुपये का नुकसान हुआ है। नेपाल को ये उम्मीद थी कि इन विमानों को संचालित करके वहां संकटों से गुजर रही नेपाल एयरलाइंस कॉर्पोरेशन के लिए रेवेन्यू कमा सकता है। लेकिन दो साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन चीन के लग्जरी विमान नेपाल के आसमान की जगह जमीन पर ही खड़े रहकर जंग खा रहे हैं।
चीन से लिए विमानों के कारण नेपाल को यह नुकसान हो रहा है। अब नेपाल इन विमानों को बेच रहा है। एक अमेरिकी कंपनी ने इन विमानों की कीमत आंकने का काम शुरू कर दिया है, वह महीनेभर में रिपोर्ट देगी। उसके बाद विमान बेचने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। नेपाल ने 2012 में चीन से विमान खरीदने का समझौता किया था। इसमें 56 सीटों वाले दो एमए60 विमान और 17 सीटों वाले चार वाई12ई विमान थे।
इस डील को आसान बनाने के लिए चीन ने नेपाल को करीब 6.67 अरब रुपए का लोन दिया। कुछ राशि में से 2.94 अरब से एक एमए60 और एक वाई12ई विमान का भुगतान किया गया था। अन्य विमान 3.72 अरब रुपए से खरीदे गए। चीन की एग्जिम बैंक ने इसके लिए लोन मुहैया कराया था। डील के अनुसार नेपाल सरकार को 1.5 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज और वित्त मंत्रालय की ओर से लिए गए कुल लोन का 0.4 फीसदी सर्विस चार्ज और मेंटेनेंस खर्च का भुगतान करना पड़ता है।

Related Articles

Check Also
Close
Back to top button
Don`t copy text!