ब्रेकिंग
Apple का नया सिक्योरिटी सिस्टम इसी जोखिम को कम करने के लिए तैयार देश की ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई के नतीजे तय करेगा-केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह MP के 25 शहरों में तापमान 10°C से कम: नेशनल हेराल्ड केस में दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सोनिया-राहुल समेत 7 आरोपियों को जारी किया नोटिस यादव समाज शिक्षित, संगठित और स्वावलंबी समाज है:- किशन सूर्यवंशी, अध्यक्ष नगर निगम, भोपाल मनरेगा खत्म कर नई योजना लाएगी मोदी सरकार; अब 100 की जगह 125 दिन काम की गारंटी; महात्मा गांधी का नाम ... बिहार में बड़ा बदलाव: संजय सरावगी बने भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष; दिलीप जायसवाल की जगह संभालेंगे कमा... केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह को पाकिस्तान से खतरा:गृह मंत्रालय ने सुरक्षा बढ़ाई; भोपाल-दिल्ली आवास के... मेसी हैदराबाद में थोड़ी देर में फ्रेंडली मैच खेलेंगे:फुटबॉलर कोलकाता स्टेडियम से जल्दी निकले, फैंस ने... विकास और सेवा के दो साल - प्रदेश में दो साल में हुआ अकल्पनीय विकास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मध्यप्रदेश

पोर्टल में डाटा संग्रहण से विश्वविद्यालयों को होगी आसानी

भोपाल : उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विश्वविद्यालय उच्च स्तरीय शिक्षा की ताकत है, इसमें निजी और शासकीय कुछ नहीं होता। सभी में उच्च कोटि स्तर की शिक्षा प्रदान की जाती है। डॉ. यादव सोमवार को म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग में निजी विश्वविद्यालयों के डाटा संग्रहण के लिए निर्मित पोर्टल का लोकार्पण कर रहे थे।

मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवीन शिक्षा नीति से अब शिक्षा कर्मकांड नहीं बल्कि सच्चे अर्थों में युवाओं के जीवन को सार्थक बनाने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि आज भारत डिजिटल इंडिया की ओर अग्रसर है। निजी विश्वविद्यालयों के डाटा संग्रहण के लिए निर्मित पोर्टल से विश्वविद्यालयों की परेशानियों का निराकरण आसानी से किया जा सकेगा। मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के यश, सम्मान और विश्वसनीयता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। वर्तमान में विश्वविद्यालयों में ऐसे कोर्स डिजाइन करने की आवश्यकता है जहाँ उद्योगों के साथ मिल कर विद्यार्थियों को नई दिशा दे सकें। प्रदेश की साख बढ़ाने में निजी विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण सहयोग कर सकते हैं।

अध्यक्ष म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग प्रो. भरत श्रण सिंह ने कहा कि यह हमारे लिए खुशी की बात है कि मध्यप्रदेश की जीईआर जहाँ 24 प्रतिशत थी, अब यह राष्ट्रीय पेरामीटर के बराबर 27.12 प्रतिशत हो गयी है। उन्होंने कहा कि पोर्टल की शुरूआत न सिर्फ विश्वविद्यालय बल्कि आयोग के लिए भी सहायक सिद्ध होगी। एम.पी. ऑनलाइन बिजनेस हेड अभय कुमार करन, विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति और सचिव मौजूद रहे।

Related Articles

Slot Site
Back to top button
Don`t copy text!