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क्‍या EVM के वोटों से होगा VVPAT पर्च‍ियों का म‍िलान? वोट‍िंग के बीच आएगा कोर्ट का ‘सुप्रीम’ फैसला

 लोकसभा चुनाव 2024 की दूसरे फेज की वोट‍िंग के दौरान यानी शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के जरिए डाले गए वोटों के साथ वोटर-वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) पर्चियों का मिलान वाली याच‍िका पर अपना फैसला देगा. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से ही यह तय होगा क‍ि क्‍या चार जून जब लोकसभा चुनाव की ग‍िनती होगी तो उस दौरान ईवीएम के वोटों से वीवीपैट की पर्च‍ियों का म‍िलान होगा या नहीं. आपको बता दें क‍ि कई संगठनों ने यह याच‍िका दाख‍िल करके ईवीएम और वीवीपैट कीपर्च‍ियों के म‍िलान की मांग की थी.

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच शुक्रवार को इस मामले में अपना फैसला सुनाएगी. इससे पहले इस बेंच ने 24 अप्रैल को सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्ष‍ित रख ल‍िया था. कोर्ट ने न्यायालय ने चुनाव आयोग के के समक्ष उठाए गए सवालों के जवाबों का संज्ञान लेने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था. याचिकाकर्ताओं की तरफ से मांग की गई है कि ईवीएम पर मतदाताओं का विश्वास बनाये रखने के लिए VVPAT की पर्चियों की 100 फीसदी गिनती करवाई जानी चाहिए. वहीं, चुनाव आयोग ने EVM को पूरी तरह सुरक्षित बताते हुए कहा कि वीवीपैट की पर्चियां बहुत छोटी और महीन होती है, तो कोर्ट ने भी सुनवाई के दौरान टिप्पणी की थी कि हर चीज पर अविश्वास नहीं जता सकते.

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी से ईवीएम की कार्य-प्रणाली के संबंध में पांच प्रश्न पूछे थे जिनमें यह प्रश्न भी शामिल है कि क्या ईवीएम में लगे ‘माइक्रोकंट्रोलर’ को फिर से प्रोग्राम किया जा सकता है या नहीं. कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त नीतेश कुमार व्यास ने इससे पहले ईवीएम की कार्य-प्रणाली के बारे में अदालत में प्रस्तुतिकरण दिया था. पीठ ने उन्हें अपराह्न दो बजे प्रश्नों के उत्तर देने के लिए बुलाया था.

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